सिर्फ 2 घंटे की बारिश में बलिया पानी-पानी, मंदिर से जपलिंगंज तक सड़कें डूबीं
बलिया। मात्र दो घंटे की तेज बारिश ने पूरे जिले की रफ्तार थाम दी। बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर से लेकर जपलिंगंज तक कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया, सड़कें पानी में डूब गईं और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह निकला। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन और रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में मानसून की एक छोटी सी बारिश ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। सिर्फ दो घंटे की तेज बारिश में शहर के कई हिस्से पानी-पानी हो गए।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि बारिश शुरू होते ही सड़कों पर पानी जमा होने लगा और जल्दी ही निचले इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई।
दो घंटे की बारिश का कहर
बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर क्षेत्र से जपलिंगंज तक की सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं। नालियों का पानी उफान मारकर सड़कों पर फैल गया, जिससे वाहनों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया। दोपहिया वाहन चालक तो खासतौर पर परेशान दिखे।
शहर के अन्य इलाकों में भी यही हाल है। कई गलियों और कॉलोनियों में पानी भरने से लोग घरों से बाहर निकलने में हिचकिचा रहे हैं।
प्रभावित इलाके और जनजीवन
जलभराव के कारण दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, बाजार जाने वाले लोग और स्कूल-कॉलेज के छात्रों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। कई जगहों पर वाहन पानी में फंस गए, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। छोटे दुकानदारों और सड़क किनारे काम करने वालों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा। लोग इस बात को लेकर नाराज हैं कि हर बारिश में यही हाल क्यों होता है।
जलभराव की पुरानी समस्या
बलिया में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या नई नहीं है। हर मानसून सीजन में थोड़ी सी बारिश भी शहर को जलमग्न कर देती है। ड्रेनेज सिस्टम की कमजोर स्थिति और नालियों की अनियमित सफाई को लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से शिकायत करते आ रहे हैं।
प्रशासन की ओर से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग जोर पकड़ रही है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल निकासी की बेहतर व्यवस्था और ड्रेनेज सिस्टम के सुधार से भविष्य में ऐसी परेशानियां कम हो सकेंगी।
वर्तमान में नगर निकाय की टीमें जलभराव वाले इलाकों में पानी निकासी का काम कर रही हैं, लेकिन लगातार बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है।
बलिया के नागरिक अब चाहते हैं कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से ले और एक लंबे समय तक चलने वाले समाधान की दिशा में काम करे, ताकि हर बारिश में शहर को पानी-पानी होने की स्थिति न बने।
