लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के इकलौते उत्तर प्रदेश विधायक और बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि उमाशंकर सिंह का बुधवार शाम दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। 55 वर्षीय सिंह लंबे समय से ब्रेन ट्यूमर की बीमारी से पीड़ित थे। पार्टी नेताओं के अनुसार उनका निधन रात करीब साढ़े आठ बजे इलाज के दौरान हुआ।
बहुजन समाज पार्टी के आजमगढ़ और गोरखपुर मंडल के मुख्य संयोजक मदन राम ने बताया कि विधायक उमाशंकर सिंह दिल्ली के निजी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। बुधवार रात साढ़े आठ बजे उनके निधन की पुष्टि हुई।
उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा के एकमात्र विधायक थे। 403 सदस्यीय सदन में पार्टी का प्रतिनिधित्व अब पूरी तरह खत्म हो गया है।
उमाशंकर सिंह का राजनीतिक सफर
उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के खनवर गांव में हुआ था। वे किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के बाद उन्होंने बलिया के सतीश चंद्र कॉलेज में प्रवेश लिया। वहीं छात्र राजनीति में सक्रिय हुए।
1991 में उन्होंने कॉलेज छात्र संघ चुनाव रिकॉर्ड मतों से जीता था। 2011 में बसपा से जुड़ने के बाद 2012 में पहली बार रसड़ा सीट से विधायक चुने गए। 2017 और 2022 के चुनावों में भी उन्होंने यही सीट बरकरार रखी।
वे तीन बार लगातार विधायक रहे। पूर्वांचल में बसपा के प्रमुख चेहरे के रूप में जाने जाते थे।
सामाजिक कार्यों के लिए भी उनकी पहचान थी। 2016 में उन्होंने 351 हिंदू-मुस्लिम जोड़ों के सामूहिक विवाह का आयोजन कराया था। अगले साल रसड़ा क्षेत्र में 40 फ्री वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित कर हजारों लोगों को इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई थी। स्थानीय स्तर पर उन्हें ‘बलिया का रॉबिनहुड’ कहा जाता था।
मायावती और योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक
बसपा अध्यक्ष मायावती ने उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सिंह समर्पित, ईमानदार, पूरी तरह वफादार और लोकप्रिय विधायक थे। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा अटूट रही। सरकारें बदलीं, राजनीतिक उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने कभी दल नहीं छोड़ा।
मायावती ने लखनऊ में उनके आवास पर पहुंचकर अंतिम दर्शन किए और परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि सिंह उन्हें अपनी बहन की तरह मानते थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा कि बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक उमाशंकर सिंह जी का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने दिवंगत आत्मा को राम के चरणों में स्थान और परिजनों को दुख सहने की शक्ति की प्रार्थना की।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि उन्होंने एक मित्र खो दिया है और उत्तर प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण नेता। भाजपा राज्य उपाध्यक्ष नीरज सिंह समेत कई नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया।
परिवार और समर्थकों में शोक की लहर
उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर लखनऊ के विपुल खंड गोमती नगर स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। दोपहर बाद इसे उनके पैतृक गांव खनवर, नगरा, तहसील रसड़ा, बलिया ले जाया गया जहां अंतिम संस्कार होना है।
पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। पूर्वांचल में बसपा की उपस्थिति के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उनकी याद की जा रही है।
उमाशंकर सिंह पिछले करीब दो-तीन वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। दिल्ली और विदेश में इलाज चल रहा था। उनके निधन से बसपा परिवार और बलिया क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।