बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की अदालत ने शुक्रवार को करीब पांच साल पुराने दहेज हत्या मामले में पति अमलेश सिंह, उसके भाई कमलेश सिंह और भाभी रुबी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 45-45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के अठिलापुरा निवासी अमलेश सिंह की पत्नी रजनी की 28 जनवरी 2021 को आग से झुलसकर मौत हो गई थी। मायके पक्ष ने दहेज उत्पीड़न और जलाकर हत्या का आरोप लगाया था।
लिया जिले की अदालत ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। करीब पांच साल पहले हुई दहेज हत्या की घटना में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिली है।
मामला रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के अठिलापुरा गांव का है। अमलेश सिंह की शादी 25 फरवरी 2020 को रजनी के साथ हुई थी। विवाह के एक साल पूरे होने से पहले ही 28 जनवरी 2021 को रजनी की आग से झुलसकर मौत हो गई।
मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि दहेज की मांग को लेकर मारपीट की गई और रजनी को जलाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अमलेश सिंह, उसके भाई कमलेश सिंह और भाभी रुबी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी पाया। शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए अदालत ने अमलेश सिंह, कमलेश सिंह और रुबी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर 45-45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
यह मामला विवाह के कुछ महीनों के अंदर हुई घटना से जुड़ा है। रजनी की मौत के बाद मायके पक्ष ने दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस जांच में इन आरोपों के आधार पर तीनों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों को दोषसिद्ध ठहराया। फैसला आने के बाद मामला बंद हो गया है। बलिया की इस घटना ने एक बार फिर दहेज संबंधी अपराधों पर ध्यान आकर्षित किया है।
कोर्ट के आदेश के अनुसार तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास भुगतना होगा। जुर्माने की राशि भी तय की गई है। यह फैसला शुक्रवार को सुनाया गया।
मामले की शुरुआत 2021 में हुई थी जब रजनी की मौत की सूचना मिली। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में मुकदमा चला। लगभग पांच साल की सुनवाई के बाद फैसला आया।
अदालत ने स्पष्ट रूप से तीनों को दोषी माना। पति, जेठ और जेठानी को समान सजा दी गई है। यह फैसला बलिया जिले में दहेज हत्या के मामलों में सख्ती का संकेत माना जा रहा है।
रजनी की शादी के समय परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन एक साल के अंदर ही यह दुखद घटना हो गई। मायके पक्ष ने लगातार आरोप लगाए कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उत्पीड़न बढ़ा और अंत में हत्या कर दी गई।
पुलिस ने इन आरोपों की जांच की और आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को सुना। अंत में तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
यह घटना उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुई। रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के अठिलापुरा गांव के रहने वाले अमलेश सिंह मुख्य आरोपी हैं। उनके साथ भाई और भाभी भी दोषी पाए गए।
कोर्ट के फैसले के अनुसार तीनों को आजीवन कारावास और जुर्माना दोनों भुगतना होगा। फैसला आने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गई है।