अभियोजन विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शैलेष कुमार पांडेय की अदालत ने मंत्री दयाशंकर सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
मामला 4 दिसंबर 2003 का है। उस समय बलिया शहर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी सर्वजीत शाही की तहरीर पर दयाशंकर सिंह और भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद सदस्य रवि शंकर सिंह पप्पू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दोनों नेताओं ने कोतवाली परिसर में तत्कालीन प्रभारी के साथ दुर्व्यवहार किया, गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। दोनों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी आरोप था।
पुलिस ने जांच के बाद दयाशंकर सिंह और रवि शंकर सिंह पप्पू के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।
अभियोजन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मामले में रवि शंकर सिंह पप्पू पिछली सुनवाई के दौरान 22 सितंबर को अदालत में पेश हुए थे और उन्हें जमानत मिल गई थी।
अब अदालत ने दयाशंकर सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी।