बलिया। जिले के दो होनहार युवा धीरज कुमार तिवारी और वैभव पांडेय शनिवार को भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट बने। बैरिया तहसील के सुरेमनपुर निवासी धीरज और चिलकहर ब्लॉक के गोपालपुर निवासी वैभव ने कठिन चयन प्रक्रिया व प्रशिक्षण पूरा कर अधिकारी का पद हासिल किया। दोनों अब सरहद की सुरक्षा में योगदान देंगे। उनकी सफलता से पूरे जनपद में गर्व का माहौल है।
बलिया जिले के दो युवाओं ने भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट बनकर जनपद का नाम रोशन किया है। बैरिया तहसील के सुरेमनपुर निवासी धीरज कुमार तिवारी और चिलकहर ब्लॉक के गोपालपुर निवासी वैभव पांडेय ने चयन परीक्षाएं उत्तीर्ण कर एक वर्ष का कठोर प्रशिक्षण पूरा किया।
शनिवार को पासिंग आउट परेड के दौरान दोनों लेफ्टिनेंट के पद पर आसीन हुए। उनकी सफलता की खबर मिलते ही गांवों में खुशी का माहौल छा गया। परिजनों और ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया।
धीरज तिवारी ने माता-पिता से लिया बैज
धीरज कुमार तिवारी पूर्व वायु सैनिक संतोष तिवारी और रीना तिवारी के पुत्र हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा श्रीनगर में हुई। इसके बाद उन्होंने ग्वालियर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।
एसएसबी परीक्षा पास करने के बाद धीरज गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में एक वर्ष का प्रशिक्षण लिया। पासिंग आउट परेड में माता रीना तिवारी और पिता संतोष तिवारी ने बेटे के कंधे पर लेफ्टिनेंट का बैज लगाकर उसकी सैन्य यात्रा की शुरुआत कराई।
इस भावुक पल की साक्षी नानी रमावती देवी और बुआ उर्मिला देवी भी बनीं। सुरेमनपुर गांव में परिजनों ने मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की।
वैभव पांडेय ने सैनिक स्कूल से बनाई राह
वैभव पांडेय उत्तीर्ण पांडेय के पुत्र और पहलवान रामचंद्र चौबे, पूर्व प्रधान के पौत्र हैं। उन्होंने सैनिक स्कूल रीवा, मध्य प्रदेश से शिक्षा प्राप्त की।
सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर वैभव ने सैन्य सेवा में प्रवेश किया। उनकी सफलता की खबर मिलते ही गोपालपुर में बधाई देने वालों का तांता लग गया। ग्रामीणों और परिजनों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई।
दोनों युवाओं की उपलब्धि से बलिया जिले में गर्व का माहौल है। वे अब भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में सरहद की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाएंगे।