बलिया। जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी ने विकास खंड बेलहरी के सोनवानी गांव के तीन निवासियों के खरवार (अनुसूचित जनजाति) जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई स्थानीय निवासी दयाशंकर सिंह की शिकायत पर की गई। समिति ने 15 अप्रैल 2026 को बैठक कर फैसला लिया, जिसकी प्रति 14 जुलाई 2026 को जारी की गई।
जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी ने विकास खंड बेलहरी अंतर्गत सोनवानी गांव के दीनानाथ कमकर, छोटू कमकर और आशा देवी के नाम से जारी खरवार (एसटी) जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए हैं। समिति के इस फैसले से स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है।
आतिश उपाध्याय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, समिति की बैठक 15 अप्रैल 2026 को हुई थी। फैसले की अधिकृत प्रति 14 जुलाई 2026 को जारी की गई। इस आदेश की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव समाज कल्याण, आयुक्त आजमगढ़ मंडल, जिलाधिकारी, तहसीलदार और संबंधित पक्षों को भेज दी गई है।
शिकायत पर हुई जांच
यह कार्रवाई सोनवानी निवासी दयाशंकर सिंह की शिकायत पर हुई। शिकायतकर्ता ने 20 जनवरी 2025 को आवेदन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्तियों ने कूटरचित तरीके से अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया है।
मामले की जांच तहसीलदार सदर को सौंपी गई। जांच टीम ने विद्यालय अभिलेखों, छात्रवृत्ति रजिस्टर, सेवा पुस्तिका, मनरेगा रिकॉर्ड, पेंशन सूची, न्यायालयीय दस्तावेजों और अन्य सरकारी अभिलेखों का गहन परीक्षण किया।
जांच में क्या मिला
जांच के दौरान कई सरकारी दस्तावेजों में संबंधित परिवार के सदस्यों की जाति कमकर दर्ज पाई गई। शिकायतकर्ता दयाशंकर सिंह ने 1907 के बलिया गजेटियर, पुराने राजस्व अभिलेखों और जिलाधिकारी के पूर्व आदेशों का हवाला दिया।
वहीं, संबंधित पक्ष ने दावा किया कि उनके पूर्वज झारखंड से विस्थापित होकर यहां आए थे। लेकिन समिति के समक्ष उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य नहीं रख सके।
समिति का फैसला
जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी ने दोनों पक्षों की दलीलों, उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से तीनों व्यक्तियों के खरवार जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का निर्णय लिया। साथ ही शिकायत का निस्तारण भी कर दिया गया।
यह फैसला जाति प्रमाण पत्र की सत्यता सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन की सतर्कता को दर्शाता है। ऐसे मामले जहां आरक्षण का दुरुपयोग होने का संदेह होता है, वहां स्क्रूटनी कमेटी सक्रिय भूमिका निभाती है।
बलिया जिले में जाति प्रमाण पत्र संबंधी शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि योग्य व्यक्तियों को लाभ मिले और गलत तरीके से लाभ उठाने वालों पर सख्ती बरती जाए।